TEJ SAMACHAAR https://tejsamachaar.in National News Portal Sun, 01 Nov 2026 05:30:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.4 श्रीनगर में मुख्यमंत्री के स्वागत को सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात https://tejsamachaar.in/2026/11/01/massive-crowds-throng-the-streets-of-srinagar-to-welcome-the-chief-minister-development-projects-worth-crores-unveiled/ Sun, 01 Nov 2026 05:30:53 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70350 नौ साल बाद फिर शुरू हुई सिटी बस सेवा, ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम में महिलाओं को प्रोत्साहन

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के श्रीनगर आगमन पर शहर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में लोग उमड़े रहे। जगह-जगह लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। श्रीनगर दौरे पर मुख्यमंत्री ने नगरवासियों को लगभग 9.35 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने के साथ करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। वहीं, ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की।

श्रीनगर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक भरत चौधरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया। इस अवसर पर जूनियर दिल्ली स्कूल की प्रधानाचार्य बबिता गुसाईं के साथ आए 10 विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को डीक्राफ्ट भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनका हालचाल जाना और उन्हें प्रोत्साहित किया।

‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹2,01,530 का चेक वितरित किया। साथ ही 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की। इस पहल के माध्यम से महिला समूहों की आजीविका को प्रोत्साहन देने के साथ स्वच्छता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही महिलाओं के स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने का प्रयास किया गया।

श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए नगर में करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा फिर शुरू हुई। महापौर आरती भंडारी की पहल पर जिलाधिकारी को दिए गए प्रस्ताव के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा अनटाइड फंड से उपलब्ध कराई गई लगभग ₹22.48 लाख की लागत वाली 30 सीटर बस का मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया तथा बस की चाबी नगर निगम को सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी पार्षदों से भरी सिटी बस का फ्लैग ऑफ किया। यह बस धारी देवी से कलियासौड़ होते हुए कीर्तिनगर पुल तक संचालित होगी तथा शुरुआत में प्रतिदिन कम से कम पांच चक्कर लगाएगी। सर्दियों में बस का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक और गर्मियों में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर बस स्टॉप भी बनाए जाएंगे। बस का न्यूनतम किराया निर्धारित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, स्थानीय नागरिकों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को किफायती आवागमन की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क), सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क, पार्कों का सौंदर्यीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी विशेष आकर्षण रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल से हटकर अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए। अचानक अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा सहित पार्षदगण, विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण https://tejsamachaar.in/2026/11/01/the-chief-minister-unveiled-the-new-insignia-of-the-uttarakhand-police/ Sun, 01 Nov 2026 05:24:42 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70347 मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का किया शुभारंभ

भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा करने के मुख्य सचिव को दिए निर्देश

6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट एवं सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुई  शाहजहां जावेद खान एवं जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।

उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप

उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।

उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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उत्तराखंड में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया वर्ष 2030 तक ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के निर्माण का सामूहिक संकल्प https://tejsamachaar.in/2026/11/01/in-uttarakhand-the-national-commission-for-women-has-taken-a-collective-pledge-to-build-a-child-marriage-free-india-by-the-year-2030/ Sun, 01 Nov 2026 05:17:33 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70344 ऋषिकेश: राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश के मुख्य सभागार में ‘शक्ति समागम: सृजन से समृद्धि’ संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिला लाभार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लखपति दीदियों ने भारी संख्या में भाग लिया।

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह आज सिर्फ बचत का जरिया नहीं, बल्कि महिला आत्मविश्वास, वित्तीय स्वावलंबन और सामाजिक क्रांति का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के चेहरों पर संघर्ष से सफलता तक की दास्तान साफ दिखाई देती है। उन्होंने यह रेखांकित किया कि उत्तराखंड में लगभग 22,000 समूहों से जुड़ी 2.5 लाख से अधिक महिलाओं ने ₹300 करोड़ से अधिक के बैंक ऋण का उपयोग कर जो वित्तीय अनुशासन दिखाया है, वह संपूर्ण देश के लिए प्रेरणादायी है।
अध्यक्ष श्रीमती रहाटकर ने देश को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाने के सामूहिक संकल्प का आह्वान किया तथा सभागार में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को केवल ‘सेविंग ग्रुप’ तक सीमित न रखकर अधिकारों, साइबर सुरक्षा, पॉश व घरेलू हिंसा कानून और पोषण से जुड़े ‘नॉलेज ग्रुप’ के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आयोग द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षा हेतु चलाए जा रहे अभियानों की चर्चा करते हुए कहा कि पर्वतीय राज्य की महिलाएँ अत्यंत जुझारू और कर्मठ हैं। उन्होंने राज्य में महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड के निर्माण व विकास में नारी शक्ति की ऐतिहासिक भूमिका का स्मरण कराया और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को दिए गए 30% क्षैतिज आरक्षण व लखपति दीदी योजना के सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला।

नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान तथा एम्स ऋषिकेश की निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने भी अपने विचार साझा करते हुए महिला स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और संस्थागत सहयोग की निरंतरता पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने स्वरोजगार, बालिका शिक्षा और समाज के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का प्रण लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के उप निदेशक रामावतार सिंह, राज्यमंत्री चारु कोठारी, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रुचि भट्ट, तुलसी मेहरा, रेखा रयाल, उर्वशी चौहान, कृतिका दबई, गुनिता, सहित मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन के साथ समागम का समापन हुआ।

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मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग https://tejsamachaar.in/2026/11/01/the-chief-minister-participated-in-the-run-for-unity-event-in-dehradun/ Sun, 01 Nov 2026 05:09:52 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70341 मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब

मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में खेलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 50 की जाएगी, मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि होगी दोगुनी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दौड़ में शामिल युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब का गठन किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र से सटी रिक्त भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर मिनी स्टेडियम एवं अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ ही सेना में भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की भी घोषणा की। इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार ₹300 से बढ़ाकर ₹400, द्वितीय पुरस्कार ₹200 से बढ़ाकर ₹300 तथा तृतीय पुरस्कार ₹150 से बढ़ाकर ₹200 किया जाएगा। विधानसभा स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹500, ₹400 एवं ₹300 से बढ़ाकर ₹700, ₹500 एवं ₹400 की जाएगी।

इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹800, ₹600 एवं ₹400 से बढ़ाकर ₹1,000, ₹800 एवं ₹600 तथा राज्य स्तर पर ₹1,500, ₹1,000 एवं ₹700 से बढ़ाकर क्रमशः ₹2,000, ₹1,500 एवं ₹1,000 किए जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत ओवरऑल विजेता जनपद को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल आयोजित किए जाते हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी। इनमें विशेष रूप से पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के आयोजन के लिए निर्धारित कुल धनराशि में भी वृद्धि किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे पहली पहचान भारतीय होने की है। यही भावना हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से सरदार पटेल के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे आयोजन सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने युवाओं से खेल, योग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर जताया दुःख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

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एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, सात स्थानों पर सीलिंग https://tejsamachaar.in/2026/11/01/mdda-strikes-hard-against-illegal-constructions-seals-properties-at-seven-locations/ Sun, 01 Nov 2026 05:02:20 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70338 बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रही दुकानों और व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई, प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी सख्त चेतावनी

देहरादून- राजधानी देहरादून में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान चलाते हुए सात स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इनमें बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही दुकानें और अन्य व्यावसायिक एवं निर्माणाधीन संरचनाएं शामिल हैं। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना, भवन निर्माण के निर्धारित मानकों का पालन कराना और अनधिकृत निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

सात स्थानों पर कार्रवाई, अवैध निर्माण किए सील

प्राधिकरण की टीम ने विद्यासागर मार्ग पर गैस गोदाम के निकट संजीव फरासी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया। इसी तरह सुंदरवाला स्थित विज्ञान विहार कॉलोनी, खलंगा क्षेत्र में छमी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माणाधीन छह दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराए बिना निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रायपुर रोड पर शाह जनरल स्टोर के निकट ऋषभ भंडारी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्मित अवैध व्यावसायिक दुकानों को भी सील किया गया। खलंगा क्षेत्र में अभय प्रताप सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की।

देहराखास से सहस्रधारा रोड तक कार्रवाई

अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत देहराखास स्थित दून मेडिकल रोड पर अजय शर्मा और सौरभ जैन द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। इसके अतिरिक्त अस्थल रोड पर एचआईटी कॉलेज के सामने, थेवा माल देवता रोड क्षेत्र में कपिल और पुलकित द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। इसी क्रम में सहस्रधारा रोड पर विक्रम द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने सभी संबंधित स्थलों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाया।

निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति जरूरी

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास बनाए रखने के लिए भवन निर्माण से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण होने से न केवल नियोजन व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में सड़क, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसी को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों की निगरानी की जा रही है और शिकायतों एवं निरीक्षण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि* देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। इसके लिए भवन निर्माण से संबंधित नियमों और निर्धारित मानकों का पालन कराया जा रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध निर्माणों को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनधिकृत निर्माण पाए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों और भवन निर्माताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराएं और नियमों का पालन करें। प्राधिकरण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य शहर का व्यवस्थित विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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चमोली हेलीकॉप्टर हादसे पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक, दुर्घटना की जांच के दिए निर्देश https://tejsamachaar.in/2026/10/30/chief-minister-dhami-expresses-deep-grief-over-the-chamoli-helicopter-crash-orders-an-investigation-into-the-incident/ Fri, 30 Oct 2026 17:11:53 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70335 दिवंगतों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा आवश्यक राहत एवं अन्य व्यवस्थाएं तत्परता से सुनिश्चित की जाएं।

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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के खेलोत्सव-2026 में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, शतरंज, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में रोमांचक मुकाबले https://tejsamachaar.in/2026/10/30/players-showcased-their-prowess-at-shri-guru-ram-rai-universitys-khelotsav-2026-featuring-thrilling-contests-in-chess-table-tennis-and-badminton/ Fri, 30 Oct 2026 17:05:41 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70332 प्रियंशी आर्य, सिद्धार्थ, अभिषेक गौड़ और वैष्णवी ने अपने-अपने वर्ग में दर्ज की शानदार जीत

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित खेलोत्सव-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को शतरंज, टेबल टेनिस और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

शतरंज प्रतियोगिता के बालिका वर्ग में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज की संजना ने स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की अस्मिता को पराजित किया। वहीं बालक वर्ग में स्कूल ऑफ पैरामेडिकल के आयुष पटेल ने स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के सचिन को हराकर जीत हासिल की।

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बड़ा हादसा- बदरीनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, छह लोग थे सवार https://tejsamachaar.in/2026/10/30/big-accident-helicopter-returning-from-badrinath-dham-crashes-six-people-were-on-board/ Fri, 30 Oct 2026 16:58:30 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70329 जोशीमठ। उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहे एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना से हड़कंप मच गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। खराब मौसम के बीच घटनास्थल पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन का है, जो बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरकर लौट रहा था। इसी दौरान जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के ऊपर स्थित सेना कैंप के पास हेलीकॉप्टर की लोकेशन मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि, शुरुआत में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने या आपातकालीन लैंडिंग करने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी।

एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटीं

जिला प्रशासन के मुताबिक, जोशीमठ के उपनिरीक्षक मनोहर कन्याल को एसडीएम जोशीमठ के माध्यम से दोपहर 2:21 बजे हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग की सूचना मिली। इसके बाद एसडीआरएफ की जोशीमठ और पांडुकेश्वर टीमें दोपहर 2:24 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार ने बताया कि मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हेलीकॉप्टर की स्थिति तथा उसमें सवार लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां आने की आशंका है।

पायलट और पांच यात्रियों के नाम आए सामने

हेलीकॉप्टर में सवार लोगों के रूप में पायलट समेत छह व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। इनमें पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच यात्री शामिल हैं।

पायलट:

कैप्टन हिमांशु

यात्री:

प्रताप

अरुण

शंकर गौड़ा

सुधीर के.

एच.एस. नटराज

हादसे के बाद पायलट से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हेलीकॉप्टर की लोकेशन का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, सभी छह लोगों की स्थिति और उनके सुरक्षित होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

मुख्यमंत्री धामी ने घटनाक्रम पर रखी नजर

हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही। उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। मौसम की स्थिति और हेलीकॉप्टर की उड़ान से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में खराब मौसम के बीच हेलीकॉप्टर की उड़ान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौसम और दुर्घटना के बीच संबंध तथा किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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प्रधानमंत्री ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त https://tejsamachaar.in/2026/10/30/the-prime-minister-released-the-24th-installment-of-the-pm-kisan-samman-nidhi/ Fri, 30 Oct 2026 16:50:24 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70326 मुख्यमंत्री ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

उत्तराखण्ड के 8 लाख 08 हजार से अधिक किसानों के खातों में हस्तांतरित हुई 161.96 करोड़ रुपये की सम्मान निधि

किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

आधुनिक कृषि तकनीक, बागवानी, प्राकृतिक खेती और खाद्य प्रसंस्करण को दिया जा रहा बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला, देहरादून में आयोजित ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के अंतर्गत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18 हजार 690 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। इसके अंतर्गत उत्तराखण्ड के भी 8 लाख 08 हजार से अधिक लाभार्थी किसानों के खातों में 161.96 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी लाभार्थी किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। वर्ष 2019 में योजना की पहली किस्त जारी होने के समय उत्तराखण्ड के लगभग चार लाख किसान इससे लाभान्वित हुए थे। आज प्रदेश में लाभार्थी किसानों की संख्या बढ़कर आठ लाख से अधिक हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में हमारे जवानों का महत्वपूर्ण योगदान है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसान अपनी मेहनत से न केवल अन्न का उत्पादन करते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि में भी अहम योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार खेती करने में सहायता मिल रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निःशुल्क किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में अब तक लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिनसे संरक्षित खेती को बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखण्ड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप कृषि को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फल उत्पादन और मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति तथा स्टेट मिलेट मिशन जैसी पहल की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत पात्र किसानों को विभिन्न गतिविधियों में 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी में वृद्धि की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा फसलों को खराब होने से बचाने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, नियंत्रित वातावरण भंडारण और खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सगंध खेती को प्रोत्साहित करने के लिए महक क्रांति नीति के अंतर्गत राज्य में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं तथा 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के मिलेट और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में धान एवं गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही पर्वतीय कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, मत्स्य पालन और मौन पालन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे किसानों को आजीविका के अतिरिक्त अवसर मिल सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के परिश्रम और सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में लैवेंडर और डेंडेलियन जैसी सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। कृषि मंत्री ने आपदा प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी सहायता प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखण्ड राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौधरी, राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, दायित्वधारी श्रीमती ज्योति कोटिया, सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनन्द श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी https://tejsamachaar.in/2026/10/29/weather-takes-a-turn-in-uttarakhand-snowfall-recorded-at-kedarnath-and-gangotri-dhams/ Thu, 29 Oct 2026 17:29:01 +0000 https://tejsamachaar.in/?p=70323 देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। केदारनाथ और गंगोत्री धाम में बर्फबारी होने से पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है, जबकि मसूरी समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के खूबसूरत नजारे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, तापमान में गिरावट के चलते लोगों को ठंड का सामना भी करना पड़ रहा है।

बृहस्पतिवार सुबह केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी से बाबा केदार की नगरी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। धाम में चारों ओर बर्फ नजर आने से वातावरण बेहद खूबसूरत हो गया। बर्फबारी का आनंद लेने के साथ ही श्रद्धालु इन यादगार पलों को अपने कैमरों में कैद करते दिखाई दिए। कई भक्तों ने बर्फ से ढके मंदिर परिसर के बीच सेल्फी लेकर इस पल को यादगार बनाया।

बर्फबारी के बाद केदारनाथ में ठंड काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई है। धाम में मौसम के बदलते मिजाज के बीच भक्तों की आवाजाही लगातार जारी है।

निचले इलाकों में बादल और बारिश, तापमान में गिरावट

रुद्रप्रयाग जिले के निचले क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय के अलावा उखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली और बसुकेदार क्षेत्र में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के चलते लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है।

11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट

केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 11 नवंबर को बंद किए जाने हैं। कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के साथ ही बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिकूल मौसम और बढ़ती ठंड के बावजूद भक्त बड़ी संख्या में धाम पहुंच रहे हैं।

यात्रा सीजन के दौरान अब तक 18 लाख 53 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को 8,376 श्रद्धालुओं ने धाम में पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या बढ़कर 18,53,032 पहुंच गई है।

गंगोत्री धाम में भी बर्फबारी, पहाड़ों पर बदला मौसम

केदारनाथ के साथ गंगोत्री धाम में भी बर्फबारी शुरू हो गई है। बर्फ गिरने से धाम और आसपास की पहाड़ियां सफेद नजर आने लगी हैं। बर्फबारी के चलते यहां तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। पहाड़ों पर मौसम के इस बदले रूप ने प्राकृतिक सुंदरता को और निखार दिया है।

मसूरी में बारिश से बढ़ी ठिठुरन, पर्यटन गतिविधियों पर असर

इधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में भी बृहस्पतिवार सुबह से बारिश का दौर शुरू हो गया। लगातार बारिश होने से शहर के तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर शहर की सामान्य गतिविधियों और पर्यटन पर भी दिखाई देने लगा है।

बारिश के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। ठंड बढ़ने के चलते स्थानीय लोग और पर्यटक जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। मसूरी घूमने पहुंचे कई पर्यटक मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग होटलों में ही समय बिता रहे हैं।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से सर्दी का असर बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा, इस पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भी नजर बनी हुई है।

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